मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग: पुराणों की दृष्टि से इसका धार्मिक महत्व कैसे ...


श्री शैलम मल्लिकार्जुन मंदिर भारत के आंध्र प्रदेश राज्य के दक्षिणी भाग में कृष्णा नदी के किनारे श्री शैलम पर्वत पर स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध मंदिर है। इसे दक्षिण का कैलाश भी कहा जाता है। यह मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है और माता पार्वती व भगवान शिव की एक साथ स्थापना यहाँ है। यह तीर्थ स्थल न केवल दक्षिण भारत बल्कि पूरे भारत में शिव भक्तों के लिए महत्वपूर्ण है। इस वीडियो में दर्शाया गया है कि कैसे श्री शैलम मल्लिकार्जुन मंदिर पहुँचा जा सकता है, यहाँ ठहरने के विकल्प, मंदिर के दर्शन के समय, आसपास के पर्यटन स्थल, और यहाँ के ऐतिहासिक, धार्मिक महत्व की जानकारी दी गई है। साथ ही मंदिर परिसर, वहाँ के प्रमुख मंदिर, जैसे ब्रह्मा रंभा मंदिर, पाताल गंगा, साक्षी गणपति मंदिर, शैलम बांध, महादेवी गुफाएँ, हटकश्वरम मंदिर, आदिवासी संग्रहालय आदि के बारे में भी विस्तार से बताया गया है। यात्रा के लिए अक्टूबर से फरवरी का समय सबसे उपयुक्त माना गया है। मंदिर परिसर में भोजन व्यवस्था भी मुफ्त या कम खर्च में उपलब्ध है। साथ ही पर्यटकों के लिए परिवहन, आवास और दर्शन के विभिन्न विकल्प उपलब्ध हैं। वीडियो अंत में दर्शकों से मंदिर यात्रा का अनुभव साझा करने और प्रश्न पूछने का आग्रह करता है।  


श्री शैलम मल्लिकार्जुन मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।  
मंदिर तक पहुँचने के लिए निकटतम हवाई अड्डा है हैदराबाद का राजीव गांधी एयरपोर्ट।  
निकटतम रेलवे स्टेशन मार्कापुर रोड है, जहाँ से बस या टैक्सी द्वारा मंदिर पहुँचा जा सकता है।  
मंदिर के पास विभिन्न श्रेणियों के होटल उपलब्ध हैं, जिनमें ट्रस्ट संचालित सस्ते विकल्प भी शामिल हैं।  
मंदिर में दर्शन के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक प्रवेश मिलता है।  
पाताल गंगा जाने के लिए 850 सीढ़ियाँ हैं, साथ ही रोपवे सुविधा भी उपलब्ध है।  
मंदिर क्षेत्र शैलम टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आता है और यहाँ वन्यजीवन संरक्षण और सफारी का भी आयोजन होता है।  
आसपास के अन्य धार्मिक स्थल: साक्षी गणपति, हटकश्वरम मंदिर, महादेवी गुफाएं आदि।

Comments

Popular posts from this blog

Top 10 MPPSC Coaching in Indore by Best Coaching Guide

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की स्थापना, जानें इसके पीछे की रोचक कथा और महत्...